Friday, January 11, 2013

भारत की आजादी को मिटा रहै सैकुलर हैं,जो जितना गंदा सोचे वो ही अब पापूलर है

भारत की आजादी को अब मिटा रहै सेकूलर है,जो जितना गंदा सोचे वो ही अब पापूलर है
हेमराज और शहीद सुधाकर सदा रहेंगे याद हमें
पाक भेड़ियों की करतूते सदा रहैंगी याद हमें
पर भारत की सत्ता के कान नही खुलने बाले
क्यूकि भारत की सत्ता ने ताले कानों में डाले
 भारत की सत्ता में वैठे ये कांग्रेसी बन्दर है
आतंकी के लिए छछूदर हिन्दु के लिए सिकन्दर है
आँखे बन्द किये वैठे है किन्तु बुरा है दिखा रहै
कानों में उगली डाले है गाली जन को सुना रहै
बोलने का मना किया है बुरा ही बुरा है करा रहै
करने के कारण ही भारत घोटालों से घिरा पड़ा
इनके कारण बच्चा बच्चा कर्जदार है बना पड़ा
एक दिन पहला घोटाला दूजे है नया खड़ा
भारत की धरती का पाला इन दुष्टों से खूब पड़ा
भारत को इण्डिया बना कर बच्ची बनादी मिस्ट्रेस
देखने में शर्म आ जाए एसी इन लोगों की ड्रेस
बलात्कारी है खुले घूमते बच्ची बच्ची को डर है,भारत की आजादी को अब मिटा रहै सेकूलर है
 आजादी के लिए जिन्हौने अपना सब कुछ मिटा दिया
भारत माता की खातिर जीवन अपना गला दिया
वे ही मिटा दिये गये है भारत के इतिहास से
जिनने मौजे ली थी मिलकर अग्रेंजी सरकार से
वे बन वैठे भाग्य नियंता भारत की सरकार के
जिनकी कारगुजारियों से मेरा भारत छला गया
जिनके कारण भारत माँ का चीरहरण तक किया गया
जिनके कारण माताओं वहिनों की इज्जत खाक हुयी
भारत माता रोई पर राजनीति न साफ हुयी
हिन्दी चीनी भाई भाई का राग जिन्हौने अलापा था
तिब्बत को भारत से तोड़ा भारत वासी काँपा था
जिसने कहा ये सही नही है उसको गलत बताया था
हिमालय को पार कर चीन तभी तो आया था
पर फोर्स को आर्डर हैतु सत्ता ने तरसाया था
बिन आर्डर के सेना प्यारी आखिर क्या कर सकती है
बिन आर्डर के केवल सेना खुद ही तो मर सकती है।
आज मेरे भारत को प्यारे इसी बात का तो डर है।भारत की आजादी को अब मिटारहैं सैकूलर हैं।
काश्मीर की शुद्ध जमीं पर भैड़िये  आकर वैठे है
और संसद में नक्सलबादी नेता बनकर पेठें हैं
जो भारत को तोड़ रहैं है खुद अपने अभियानों से
भारत को घायल करते है ये अपने ही बाणों से
खुद को देश भक्त बतलाते चीन को अपना साथी
देशभक्त सेना को मारें इनको शर्म नही आती
भारत की संसद में ये ही नेता वनकर वैठे हैं
भारत की जनता को ये गुलाम बना कर ऐंठे हैं
जिनके गुर्गे भारत की सीमा से बाहर घूम रहै
चीन और पाक से जाकर हाथ मिलाते घूम रहै
जो चीन से माँग लाते हैं गोला वारुद और गने
भारतीय रक्त से इन लोगों के सदा रहैं है हाथ सने
सैनिक लाशों मे जो कुत्ते वारुदें भर देते हैं
उनके आका संसद में हिस्सा लेते है
इनके कामों पर ये नेता पर्दा डाले रहते है
सेना की हर योजना से अवगत होते रहते है
फिर भी ये देशभक्त बने है और देशभक्त आतंकी हैं
भारत की संसद की प्यारे ये ही तो नोटंकी है 
देशभक्त भारत वासी का इनके कदमों में सर है ।भारत की आजादी को अब मिटा रहै सेकूलर है।

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